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कोलंबियाई राष्ट्रपति पेट्रो और डोनाल्ड ट्रंप के बीच तनावपूर्ण वार्ता: ड्रग्स और मतभेदों पर टकराव

कोलंबिया के राष्ट्रपति, गुस्तावो पेट्रो,

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रिया सिन्हा स्टाफ संवाददाता
8 January 2026
1 मिनट पठन
कोलंबियाई राष्ट्रपति पेट्रो और डोनाल्ड ट्रंप के बीच तनावपूर्ण वार्ता: ड्रग्स और मतभेदों पर टकराव

कोलंबियाई राष्ट्रपति पेट्रो और डोनाल्ड ट्रंप के बीच तनावपूर्ण वार्ता: ड्रग्स और मतभेदों पर टकराव — विश्व / समाचारसेतु

जनवरी 2026 की शुरुआत में लैटिन अमेरिका और अमेरिका के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया बातचीत ने दोनों देशों के बीच गहराते तनाव को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है। यह बातचीत मुख्य रूप से कोलंबिया से अमेरिका होने वाली कोकीन की तस्करी और क्षेत्रीय संप्रभुता के मुद्दों पर केंद्रित रही।

ड्रग तस्करी और 'ड्रग लीडर' के आरोपों पर तीखी बहस

डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से ही कोलंबिया के प्रति बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने हाल ही में गुस्तावो पेट्रो को एक "अवैध ड्रग डीलर" और एक असफल नेता करार दिया। ट्रंप का आरोप है कि पेट्रो के शासनकाल में कोलंबिया में कोकीन का उत्पादन अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे अमेरिका में "ड्रग्स की बाढ़" आ गई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि पेट्रो ने इन 'मौत के अड्डों' (ड्रग लैब्स) को बंद नहीं किया, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

सहायता राशि पर रोक और आर्थिक प्रतिबंध

डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया को दी जाने वाली करोड़ों डॉलर की अमेरिकी वित्तीय सहायता और सब्सिडी को तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐलान किया है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि अमेरिका द्वारा दी जाने वाली मदद का उपयोग ड्रग तस्करी रोकने में नहीं हो रहा है। इसके अतिरिक्त, कोलंबियाई वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगाने की भी धमकी दी गई है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में बड़ी दरार आ गई है।

संप्रभुता का सवाल और पेट्रो की 'खुली चुनौती'

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने ट्रंप के आरोपों को "राजनीतिक बदले की भावना" और "कूटनीतिक आक्रमण" बताया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तारी के बाद, पेट्रो ने ट्रंप को सीधी चुनौती देते हुए कहा, "हिम्मत है तो आओ, मैं यहीं इंतज़ार कर रहा हूँ।" उन्होंने स्पष्ट किया कि कोलंबिया किसी बाहरी दबाव में नहीं झुकेगा और यदि अमेरिका ने सैन्य हस्तक्षेप की कोशिश की, तो देश के किसान और नागरिक फिर से हथियार उठाने को मजबूर होंगे।

लैटिन अमेरिका में बढ़ता भू-राजनीतिक संकट

वर्तमान में स्थिति यह है कि कोलंबिया ने अपनी सीमाओं पर सेना तैनात कर दी है और अमेरिकी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया है। ब्राजील और मेक्सिको जैसे अन्य लैटिन अमेरिकी देशों ने भी क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताई है। यह देखना अहम होगा कि क्या बातचीत के माध्यम से यह तनाव कम होता है या क्षेत्र एक नए संघर्ष की ओर बढ़ जाता है।