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चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

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Translated by Riya Sinha स्टाफ संवाददाता
13 August 2026
1 मिनट पठन
चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। — विश्व / समाचारसेतु

चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का बुधवार सुबह 11:06 बजे बीजिंग में बीमारी के कारण 98 साल की उम्र में निधन हो गया।
झू ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना (CPC) की 14वीं और 15वीं केंद्रीय समितियों के पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य के तौर पर काम किया था।

CPC केंद्रीय समिति, नेशनल पीपल्स कांग्रेस की स्थायी समिति, स्टेट काउंसिल और चाइनीज़ पीपल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस की राष्ट्रीय समिति की ओर से संयुक्त रूप से जारी एक शोक संदेश में झू की तारीफ़ करते हुए उन्हें पार्टी का एक बेहतरीन सदस्य, एक भरोसेमंद और वफ़ादार कम्युनिस्ट लड़ाका, और मज़दूर वर्ग की क्रांति के एक असाधारण क्रांतिकारी, राजनेता और पार्टी व देश के नेता के तौर पर याद किया गया।

झू का जन्म अक्टूबर 1928 में मध्य चीन के हुनान प्रांत के चांग्शा शहर में हुआ था। उन्होंने 1947 से 1951 तक सिंघुआ यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाई की। वे अक्टूबर 1949 में CPC में शामिल हुए।

1951 से 1983 तक, झू ने अलग-अलग जगहों पर काम किया और क्षेत्रीय व केंद्रीय सरकारी विभागों और संस्थानों में आर्थिक मामलों से जुड़े कई पदों पर रहे। उन्होंने 1983 से 1987 तक अब बंद हो चुके स्टेट इकोनॉमिक कमीशन के डिप्टी डायरेक्टर के तौर पर काम किया। 1987 और 1991 के बीच, उन्होंने CPC शंघाई म्युनिसिपल कमिटी के डिप्टी सेक्रेटरी, शंघाई के मेयर और CPC शंघाई म्युनिसिपल कमिटी के सेक्रेटरी के तौर पर काम किया।

शंघाई में, उन्होंने नगर पालिका से अपने औद्योगिक ढांचे को फिर से व्यवस्थित करने, विकास की नई ताकतें विकसित करने, अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और निर्यात-उन्मुख विकास का रास्ता अपनाने का आग्रह किया।

1991 में, झू को स्टेट काउंसिल का वाइस प्रीमियर नियुक्त किया गया।

अक्टूबर 1992 में, झू को CPC सेंट्रल कमिटी के पॉलिटिकल ब्यूरो और उसकी स्टैंडिंग कमिटी का सदस्य चुना गया, और उन्होंने स्टेट काउंसिल के रोज़मर्रा के कामकाज की ज़िम्मेदारी संभाली।

जून 1993 में, उन्होंने साथ ही पीपल्स बैंक ऑफ़ चाइना के गवर्नर के तौर पर भी काम किया।

उन्होंने 1992 में दक्षिणी चीन के दौरे के दौरान डेंग ज़ियाओपिंग की बातों में बताए गए सिद्धांतों को लागू करने का पुरज़ोर समर्थन किया और सुधार व खुलेपन के साथ-साथ चीन के आधुनिकीकरण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की।

उन्होंने "त्रिकोणीय कर्ज" (triangular debts) के नाम से जानी जाने वाली कर्ज की कड़ियों की समस्या को हल करने के लिए अभियान चलाए।

इसके अलावा, उन्होंने मैक्रो-इकोनॉमिक रेगुलेशन को मज़बूत और बेहतर बनाने के तरीके और उपाय विकसित किए, जिससे बहुत गर्म हो चुकी अर्थव्यवस्था को ठंडा करने, महंगाई पर काबू पाने और आर्थिक "सॉफ्ट लैंडिंग" हासिल करने में महत्वपूर्ण और प्रभावी योगदान दिया।

उन्होंने वित्तीय और कराधान क्षेत्रों में व्यवस्था को ठीक करने और बहाल करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया, वित्तीय और कर सुधारों में तेज़ी लाई और चीन की वित्तीय रेगुलेशन प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद की। सितंबर 1997 में, झू को CPC सेंट्रल कमेटी के पॉलिटिकल ब्यूरो और उसकी स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य फिर से चुना गया।

मार्च 1998 में, झू को स्टेट काउंसिल का प्रीमियर नियुक्त किया गया। एशियाई वित्तीय संकट और चीन में आई भयानक बाढ़ के असर का सामना करते हुए, उन्होंने पार्टी सेंट्रल कमेटी की योजनाओं को लागू किया। इन योजनाओं का मकसद थोड़ी सख्त राजकोषीय और मौद्रिक नीति से हटकर सक्रिय राजकोषीय नीति और समझदारी भरी मौद्रिक नीति अपनाना, घरेलू मांग बढ़ाना और अहम क्षेत्रों में सुधारों को गहरा करना था, ताकि आर्थिक विकास की रफ्तार स्थिर और तेज़ बनी रहे।

उन्होंने देश के दरवाज़े और खोलने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां और उपाय शुरू किए, साथ ही रेनमिनबी की कीमत घटने से सख्ती से रोका। उन्होंने विदेशी निवेश को सक्रिय रूप से आकर्षित करने और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के उपाय भी किए, और एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के तौर पर हांगकांग की समृद्धि और स्थिरता की मज़बूती से रक्षा की।

झू ने सरकारी कंपनियों से निकाले गए कर्मचारियों के लिए बुनियादी जीवन सुरक्षा प्रणाली, बेरोज़गारी बीमा प्रणाली और शहरी निवासियों के लिए न्यूनतम जीवन निर्वाह गारंटी प्रणाली स्थापित करने का काम किया। उन्होंने बकाया वेतन और निकाले गए कर्मचारियों को फिर से रोज़गार दिलाने जैसे मुद्दों को हल करने के लिए भी बहुत प्रयास किए।

स्टेट काउंसिल के वाइस प्रीमियर और प्रीमियर के तौर पर झू के कार्यकाल के दौरान, चीन एक नियोजित अर्थव्यवस्था से समाजवादी बाज़ार अर्थव्यवस्था में बदलने के अहम दौर से गुज़र रहा था।

जियांग ज़ेमिन के नेतृत्व वाली CPC सेंट्रल कमेटी की मज़बूत अगुवाई में, झू ने राजकोषीय और कर प्रणालियों में सुधार की पहल की। ​​उन्होंने कर व्यवस्था में बड़े बदलाव किए, जिनका मकसद कर का बोझ ज़्यादा निष्पक्ष बनाना और कर प्रणाली को सरल करना था। उन्होंने केंद्र और स्थानीय सरकारों के बीच राजकोषीय ज़िम्मेदारियों के तर्कसंगत बंटवारे पर आधारित कर-साझाकरण प्रणाली शुरू की, और ग्रामीण इलाकों में करों और शुल्कों में प्रायोगिक सुधार लागू किए। उन्होंने वित्तीय प्रणाली में सुधार को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया, केंद्रीय बैंक के कामकाज को और बेहतर ढंग से विनियमित किया, कमर्शियल बैंकों, विदेशी मुद्रा प्रणाली और प्रतिभूति व वायदा बाज़ारों में सुधारों को गहरा किया, और व्यवस्थित प्रतिस्पर्धा व कड़े नियमन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत और खुले वित्तीय बाज़ार तंत्र की स्थापना को बढ़ावा दिया।

झू ने सरकारी कंपनियों में सुधार को आर्थिक संरचनात्मक सुधार की मुख्य कड़ी माना। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि निकाले गए कर्मचारियों को फिर से रोज़गार दिलाने और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को मज़बूत करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने हाउसिंग रिफॉर्म को आगे बढ़ाया और धीरे-धीरे कर्मचारियों को घर देने की व्यवस्था की जगह पैसे के रूप में हाउसिंग बेनिफिट्स देने की शुरुआत की। उन्होंने एक ऐसी मल्टी-लेवल शहरी हाउसिंग सप्लाई सिस्टम बनाने और उसे बेहतर बनाने में मदद की, जिसमें किफायती घर मुख्य हिस्सा थे। उन्होंने समाजवादी बाज़ार अर्थव्यवस्था के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने को बढ़ावा दिया, वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन (WTO) में चीन के शामिल होने के लिए मुश्किल बातचीत को पूरा करने की देखरेख की, और देश के दरवाज़े खोलने की प्रक्रिया को और व्यापक व गहरा बनाया।

शोक संदेश में कहा गया है कि झू को लोगों से बहुत लगाव था। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकारी अधिकारियों को हमेशा यह याद रखना चाहिए कि वे जनता के सेवक हैं; उनमें सच बोलने की हिम्मत होनी चाहिए, उन्हें किसी को नाराज़ करने से डरना नहीं चाहिए और विशेष सुविधाओं की चाहत से बचना चाहिए।

इसमें आगे कहा गया है कि उन्होंने ज़िम्मेदारी की मज़बूत भावना के साथ पहल करने, बड़ी ज़िम्मेदारियाँ उठाने, मुश्किल समस्याओं का सामना करने और लोगों के लिए वास्तविक नतीजे देने के लिए पूरी ताकत लगाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

मार्च 2003 में, झू ने स्टेट काउंसिल के प्रीमियर का पद छोड़ दिया।

नेतृत्व के पदों से रिटायर होने के बाद, उन्होंने हू जिंताओ के जनरल सेक्रेटरी रहते हुए CPC सेंट्रल कमेटी का और बाद में शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली CPC सेंट्रल कमेटी का मज़बूती से समर्थन किया। उन्होंने 'चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद' के महान उद्देश्य की चिंता जारी रखी और आचरण सुधारने, ईमानदारी को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार से लड़ने के प्रयासों का मज़बूती से समर्थन किया।

शोक संदेश में कहा गया है कि झू का जीवन क्रांतिकारी, संघर्षपूर्ण और शानदार रहा। उनका निधन पार्टी और देश के लिए एक बड़ी क्षति है।

Source - China Military Online 
Image Source - Dawn