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पीपल्स लिबरेशन आर्मी और इंडोनेशियाई सेनाओं ने ताइवान के पूर्व में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किया है, जो बीजिंग और जकार्ता के बीच गहरे सैन्य संबंधों का संकेत है।
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पीपल्स लिबरेशन आर्मी और इंडोनेशियाई सेनाओं ने ताइवान के पूर्व में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास किया है, जो बीजिंग और जकार्ता के बीच गहरे सैन्य संबंधों का संकेत है। — विश्व / समाचारसेतु
PLA के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक बयान में कहा कि बुधवार की ड्रिल में PLA नेवी का टाइप 054A फ्रिगेट 'होंगहे' और इंडोनेशियाई नेवी का फ्रिगेट 'KRI I गुस्टी न्गुराह राय' शामिल थे।
PLA ने बताया कि इस ट्रेनिंग में समुद्री कम्युनिकेशन, फॉर्मेशन में मूवमेंट, समुद्र में ज़रूरी सामान की सप्लाई और 'पासिंग एक्सरसाइज' (एक साथ आगे बढ़ने का अभ्यास) शामिल थे।
बयान के अनुसार, चीनी क्रू मेंबर्स ने अपने इंडोनेशियाई साथियों के साथ बातचीत और कमांड के तालमेल के लिए टैक्टिकल सिग्नल और सिग्नल झंडों का इस्तेमाल किया। दोनों नौसेनाओं ने "लचीले ढंग से मूवमेंट किया और करीबी तालमेल बिठाया", जिससे अभ्यास के सभी तय लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरे हुए।
इसमें आगे कहा गया कि इस अभ्यास ने "व्यावहारिक सहयोग करने और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता की संयुक्त रूप से रक्षा करने के लिए दोनों पक्षों की सकारात्मक इच्छा और ऑपरेशनल क्षमताओं को पूरी तरह से प्रदर्शित किया।"
बयान में ताइवान के तट से अभ्यास वाले इलाके की दूरी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
यह पहली बार है जब PLA ने इस इलाके में किसी विदेशी नौसेना के साथ ड्रिल की है, हालांकि घोषित गतिविधियों में लड़ाई-झगड़े या कॉम्बैट ऑपरेशन शामिल नहीं थे।
इंडोनेशियाई नौसेना ने बुधवार को कहा कि ये ड्रिल "युद्ध लड़ने" के लिए नहीं थीं, बल्कि केवल "पासिंग एक्सरसाइज" थीं, जो देश की गुटनिरपेक्ष विदेश नीति के अनुरूप थीं।
मंगलवार को बीजिंग के रक्षा मंत्रालय द्वारा अभ्यास की योजना की घोषणा के बाद ताइवान के अधिकारियों ने इसका विरोध किया और इसे "उकसावे की कार्रवाई" करार दिया।
यह नौसैनिक अभ्यास जून के बाद से मुख्य भूमि चीन सरकार के जहाजों - जिनमें कोस्ट गार्ड, समुद्री प्रशासन और खोज-बचाव वाले जहाज शामिल हैं - द्वारा स्व-शासित द्वीप के पूर्व में तेज़ की गई गश्त के बाद हो रहा है। खबर है कि चीन के कोस्ट गार्ड का एक बेड़ा हुआलियन से 32 नॉटिकल मील (59 किमी) की दूरी तक आ गया था; हुआलियन में एक बड़ा एयरबेस है। कोस्टगार्ड ने कहा कि ये गश्त जापान और फिलीपींस के उस ऐलान के जवाब में शुरू की गई थी, जिसमें उन्होंने ताइवान के पूर्व में समुद्री सीमा तय करने के लिए बातचीत शुरू करने की योजना बनाई थी। बीजिंग का कहना है कि इससे उसकी क्षेत्रीय संप्रभुता और समुद्री अधिकारों और हितों का "गंभीर उल्लंघन" हुआ है।
बीजिंग ताइवान को चीन का हिस्सा मानता है और ज़रूरत पड़ने पर इसे ज़बरदस्ती फिर से अपने साथ मिलाना चाहता है। अमेरिका समेत ज़्यादातर देश इस द्वीप को आज़ाद देश नहीं मानते, लेकिन कई देश मौजूदा स्थिति में ज़बरदस्ती बदलाव का विरोध करते हैं। वाशिंगटन ताइवान को उसकी सुरक्षा के लिए हथियार देने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
हाल के वर्षों में ताइवान जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में तनाव बढ़ने के साथ ही, PLA ने ताइवान के आस-पास अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। इसमें द्वीप के पूर्व में समुद्री इलाके में बड़े पैमाने पर लाइव-फायर अभ्यास के दौरान भारी तैनाती भी शामिल है।
फिर भी, इस साल की पहली छमाही में ताइवान के पास PLA के लड़ाकू विमानों की उड़ानें तीन साल के निचले स्तर पर आ गईं। विशेषज्ञ इस बदलाव की एक वजह अमेरिका-चीन संबंधों में आए सुधार को मानते हैं।
इस बीच, चीन और उसके पड़ोस में अमेरिका के दो सहयोगियों - जापान और फिलीपींस - के बीच तनाव बना हुआ है।
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची की पिछले साल की टिप्पणियों से चीन-जापान संबंधों में तनाव आ गया था। उन्होंने कहा था कि टोक्यो ताइवान जलडमरूमध्य में किसी संघर्ष में सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। वहीं, विवादित दक्षिण चीन सागर में बार-बार होने वाले टकराव से बीजिंग और मनीला के बीच संबंध और खराब हो रहे हैं।
अमेरिका, जापान और फिलीपींस ने इस साल सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं और कई संयुक्त समुद्री अभ्यास किए हैं। इनमें फिलीपींस के सबसे उत्तरी द्वीपों के पास, यानी ताइवान के करीब किए गए अभ्यास भी शामिल हैं।
बीजिंग ने रूस समेत क्षेत्र की अन्य प्रमुख ताकतों के साथ सैन्य संबंध मज़बूत करने की कोशिश की है। पिछले हफ़्ते, चीनी और रूसी युद्धपोतों द्वारा संयुक्त गश्त के दौरान देश को घेरने के बाद टोक्यो ने गंभीर चिंता जताई थी।
बीजिंग ने दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश इंडोनेशिया के साथ भी बेहतर रक्षा संबंध बनाने की कोशिश की है।
पिछले हफ़्ते, चीनी 'टाइप 071 एम्फीबियस ट्रांसपोर्ट डॉक शिप' कुनलुनशान और प्रशिक्षण जहाज़ 'की जिगुआंग' ने सुरबाया की चार दिन की मैत्रीपूर्ण यात्रा के बाद पूर्वी जावा में तंजुंग पेराक बंदरगाह के पास इंडोनेशियाई नौसेना के साथ संयुक्त समुद्री प्रशिक्षण अभ्यास पूरा किया।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यात्रा के दौरान चीन और पूर्वी जावा प्रांतीय सरकार के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक और जहाज़ निर्माण सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की।
Source - South China Morning Post
Image Source - South China Morning Post