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PLA एयर फ़ोर्स ने GJ-3A के साथ तीन-ड्रोन वाले सिस्टम को पेश किया है, जो आर्मी, नेवी और रॉकेट फ़ोर्स को इंटेलिजेंस देगा।

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Translated by Riya Sinha स्टाफ संवाददाता
7 August 2026
1 मिनट पठन
PLA एयर फ़ोर्स ने GJ-3A के साथ तीन-ड्रोन वाले सिस्टम को पेश किया है, जो आर्मी, नेवी और रॉकेट फ़ोर्स को इंटेलिजेंस देगा।

PLA एयर फ़ोर्स ने GJ-3A के साथ तीन-ड्रोन वाले सिस्टम को पेश किया है, जो आर्मी, नेवी और रॉकेट फ़ोर्स को इंटेलिजेंस देगा। — विश्व / समाचारसेतु

GJ-3A आर्म्ड टोही ड्रोन, WZ-10 टोही ड्रोन और WZ-7 टोही ड्रोन को एक साथ स्प्लिट-स्क्रीन डिस्प्ले में दिखाया गया है। सरकारी मीडिया ने मंगलवार को फुटेज जारी किया जिसमें PLA एयर फ़ोर्स द्वारा तीन तरह के बिना पायलट वाले हवाई वाहनों (UAVs) का व्यवस्थित इस्तेमाल दिखाया गया है। ये UAVs PLA आर्मी, नेवी और रॉकेट फ़ोर्स को खुफिया जानकारी का सपोर्ट देते हैं। इन तीनों में से, GJ-3A आर्म्ड टोही ड्रोन पहली बार सबके सामने आया।

एक मिलिट्री मामलों के एक्सपर्ट ने कहा कि ये तीनों UAVs चीन की टैक्टिकल और स्ट्रैटेजिक टोही क्षमताओं के एकीकरण को दिखाते हैं। PLA एयर फ़ोर्स के UAVs सेना के मौजूदा इन्फॉर्मेशन सिस्टम में टर्मिनल के तौर पर काम करते हैं, जो सर्विस की सीमाओं को खत्म करते हैं और अलग-अलग ब्रांच के बीच तालमेल वाले ऑपरेशन को मुमकिन बनाते हैं।

वीडियो में नैरेटर कहता है, "इन्हें फॉरवर्ड पोज़िशन पर तैनात किया जाता है। मिशन पूरा होने के बाद, दोनों एयरक्राफ्ट वापस आ जाएंगे और लगातार ट्रैकिंग और निगरानी के लिए उनकी जगह GJ-3A ले लेगा।" CCTV न्यूज़ द्वारा जारी किया गया यह फुटेज PLA की डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ 'झिशेंग' (विक्ट्री) के छठे और आखिरी एपिसोड का है।

बाद के फुटेज में, GJ-3A, WZ-10 टोही ड्रोन और WZ-7 को एक साथ स्प्लिट-स्क्रीन डिस्प्ले में दिखाया गया है।

बीजिंग स्थित 'एयरोस्पेस नॉलेज' मैगज़ीन के एडिटर-इन-चीफ़ वांग यानान ने मंगलवार को 'ग्लोबल टाइम्स' को बताया कि GJ-3A एक मीडियम-ऑल्टिट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस UAV है। हालांकि इसका डिज़ाइन पहले की 'विंग लूंग' सीरीज़ पर आधारित है, लेकिन यह चीन का अपना मॉडल है जिसे घरेलू इस्तेमाल के लिए बनाया गया है।  इसे 'विंग लूंग' (Wing Loong) का बेहतर और बड़ा वर्शन माना जा सकता है; इसका अधिकतम टेक-ऑफ वज़न 6 टन से ज़्यादा और पेलोड क्षमता 2 टन से ज़्यादा हो सकती है। वांग का मानना ​​है कि यह न सिर्फ़ हवा से ज़मीन पर हमला करने में सक्षम है, बल्कि इसमें हवा से हवा में लड़ाई करने की क्षमता भी है।

वहीं, WZ-10 और WZ-7 ज़्यादा रफ़्तार वाले, ज़्यादा ऊंचाई पर उड़ने और लंबे समय तक हवा में रहने वाले UAV हैं। वांग ने कहा कि WZ-7 आकार में बड़ा है और इसे रणनीतिक टोही क्षमता वाले बड़े UAV के तौर पर देखा जा सकता है।

वांग ने आगे कहा कि इन तीनों तरह के ड्रोन्स का कॉम्बिनेशन यह बताता है कि चीन ने अपनी सामरिक और रणनीतिक टोही क्षमताओं को एक साथ मिला दिया है, और सामरिक टोही हिस्से में टोही-स्ट्राइक (reconnaissance-strike) क्षमताएं भी शामिल हैं।

नवंबर 2024 में, WZ-7 और WZ-10 ने दक्षिण चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के ज़ुहाई में 'एयरशो चाइना' में ऑटोनॉमस लैंडिंग की।

नवंबर 2018 में, PLA एयर फ़ोर्स में इस्तेमाल हो रहे UAV, GJ-2 ने ज़ुहाई में 'एयरशो चाइना' में पहली बार हिस्सा लिया। GJ-1 की तुलना में, GJ-2 का एयरफ़्रेम बड़ा है, इंजन की पावर ज़्यादा है और पंखों के नीचे ज़्यादा हार्डपॉइंट्स हैं। उस समय शिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी ने रिपोर्ट किया था कि इससे पता चलता है कि GJ-2 की क्षमता (लंबे समय तक उड़ने की) बढ़ी है और ज़मीन पर स्थिर या चलते-फिरते लक्ष्यों के ख़िलाफ़ इंटीग्रेटेड टोही और हमले की क्षमताएं बेहतर हुई हैं।

वांग ने कहा कि GJ-3A, खास तौर पर, बेहतर कॉम्बैट क्षमताओं के साथ एक और कदम आगे बढ़ाता है।  CCTV वीडियो में बताया गया है कि बिना इंसानी दखल वाली लड़ाई (unmanned warfare) युद्ध के तरीके को पूरी तरह बदल रही है और लड़ाई के पुराने तरीकों को चुनौती दे रही है। यह हालात की जानकारी रखने (situational awareness) से लेकर सटीक हमले (precision strikes) करने तक आगे बढ़ रही है और धीरे-धीरे युद्ध प्रणाली में सबसे आगे आ रही है।

CCTV रिपोर्ट से पता चला है कि PLA एयर फ़ोर्स, PLA रॉकेट फ़ोर्स के लिए जानकारी जुटाने का नया ज़रिया बन गई है, PLA नेवी के लिए हालात की जानकारी का नया माध्यम और PLA आर्मी के लिए लंबी दूरी तक मार करने वाली ताक़त (long-range firepower strikes) का नया सहारा बन गई है। सभी शाखाओं और सेवाओं की सटीक ऑपरेशन की ज़रूरतें अब UAV से मिलने वाले भारी मात्रा में जानकारी वाले डेटा से गहराई से जुड़ी हुई हैं। जैसे-जैसे जॉइंट ऑपरेशन में UAV का इस्तेमाल बढ़ रहा है, तेज़ी से डेटा प्रोसेस करने की क्षमता और बेहतर इंटेलिजेंट गेम एल्गोरिदम बिना इंसानी दखल वाली लड़ाई के लिए असीमित संभावनाएँ खोलेंगे।

वांग ने कहा कि पहले जब लड़ाई से जुड़ी सारी जानकारी जॉइंट कमांड सेंटर तक पहुँचाई जाती थी, तो उसमें इंसानों की भागीदारी काफ़ी ज़्यादा होती थी और ऑपरेशन की प्लानिंग और आदेश जारी करने का काम ज़्यादातर हाथ से किया जाता था, जिसके लिए बड़ी पेशेवर स्टाफ़ टीमों की ज़रूरत होती थी और काफ़ी समय लगता था।

मौजूदा बदलाव क्रांतिकारी है क्योंकि अब सारी जानकारी एक ओपन-आर्किटेक्चर वाले इन्फॉर्मेशन सिस्टम में एक साथ जोड़ी जा रही है। यह सिस्टम मोर्चे की जानकारी को सभी युद्ध संसाधनों और क्षमताओं के आकलन के साथ मिलाता है, जिससे AI-आधारित मूल्यांकन संभव होता है और कुछ ही सेकंड या कुछ दसियों सेकंड में सबसे अच्छे ऑपरेशन प्लान तैयार किए जा सकते हैं। विशेषज्ञ ने कहा कि जो प्रक्रिया पहले बहुत मुश्किल और लंबी होती थी, वह अब बहुत कुशल और आसान हो गई है।

UAV सेना के युद्ध सूचना तंत्र में टर्मिनल के तौर पर काम करते हैं, जो सिर्फ़ एक प्लेटफ़ॉर्म पर नहीं, बल्कि सभी शाखाओं की जानकारी को एक साथ जोड़ता है। वांग ने बताया कि उदाहरण के लिए, एंटी-कैरियर ऑपरेशन में UAV आगे की टोह लेने और टारगेट की पहचान करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आधुनिक युद्ध सेवा की पारंपरिक सीमाओं को तोड़ता हुआ दिख रहा है। भविष्य के ऑपरेशन में सेना के बीच कुल मिलाकर तालमेल पर ज़्यादा ध्यान दिया जा सकता है। यह सिस्टम अपने-आप तय कर सकता है कि किसी हमले के लिए कौन से संसाधन सबसे असरदार और तेज़ होंगे, और उन्हें उसी हिसाब से तैनात कर सकता है।

Source - China Military 

Image Source - China Military