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विज्ञापन और प्रसारण राजस्व का डूबता हुआ बाजार

India Pakistan match, Sri Lanka, Economy, Sports

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रिया सिन्हा स्टाफ संवाददाता
4 February 2026
1 मिनट पठन
विज्ञापन और प्रसारण राजस्व का डूबता हुआ बाजार

विज्ञापन और प्रसारण राजस्व का डूबता हुआ बाजार — खेल / समाचारसेतु

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक उत्सव होता है। आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के तहत 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले इस महामुकाबले पर फिलहाल संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार द्वारा टीम को भारत के खिलाफ खेलने से रोकने की चर्चाओं ने श्रीलंका की चिंता बढ़ा दी है। अगर यह मैच रद्द होता है, तो मेजबान श्रीलंका को करोड़ों रुपये का सीधा वित्तीय घाटा झेलना पड़ेगा, जिससे उसकी उबरती हुई अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।

पर्यटन और होटल इंडस्ट्री को लगेगा सबसे बड़ा झटका

खाली रह जाएंगे होटल और टूट जाएगा पर्यटकों का सपना

श्रीलंका के पर्यटन क्षेत्र के लिए भारत-पाक मैच एक 'गोल्डन पीरियड' की तरह होता है। इस मैच के लिए कोलंबो के होटलों में महीनों पहले से 90% से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है। भारतीय और पाकिस्तानी फैंस के साथ-साथ यूके और यूएस से आने वाले दर्शकों ने भारी निवेश किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मैच नहीं हुआ, तो केवल हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को ₹92 करोड़ से अधिक का नुकसान हो सकता है। होटलों में बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन की आशंका है, जिससे स्थानीय व्यापार ठप पड़ सकता है।

श्रीलंका क्रिकेट और स्टेडियम राजस्व पर मार

गेट मनी और टिकटिंग से होने वाली कमाई होगी 'जीरो'

श्रीलंका क्रिकेट (SLC) को इस एक मैच से भारी भरकम 'गेट मनी' और विज्ञापन राजस्व की उम्मीद थी। आर. प्रेमदासा स्टेडियम की क्षमता और टिकटों की भारी मांग (जो ₹1 लाख तक बिक रहे हैं) को देखते हुए, मैच रद्द होने पर टिकट रिफंड के रूप में ₹27 करोड़ का सीधा नुकसान होने का अनुमान है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड पहले ही आर्थिक तंगहाली से जूझ रहा है, ऐसे में इस 'हाई-वोल्टेज' मैच का न होना उनके लिए किसी आपदा से कम नहीं होगा।

एविएशन और लोकल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में मचेगी तबाही

मैच के रद्द होने का असर केवल मैदान तक सीमित नहीं रहेगा। भारत और श्रीलंका के बीच चलने वाली विशेष उड़ानों (Special Flights) की मांग अचानक गिर जाएगी। विमानन कंपनियों के साथ-साथ स्थानीय टैक्सी संचालकों और गाइडों की कमाई पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। श्रीलंका, जो अभी-अभी आर्थिक संकट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है, उसके लिए विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) का यह बड़ा जरिया बंद होना बेहद दुखद साबित हो सकता है।