अदनान सामी के साथ मोहन भागवत का डिनर: कांग्रेस ने दागे तीखे सवाल, 1965 के युद्ध का दिया हवाला
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अदनान सामी के साथ मोहन भागवत का डिनर: कांग्रेस ने दागे तीखे सवाल, 1965 के युद्ध का दिया हवाला — राजनीति / समाचारसेतु
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत और मशहूर गायक अदनान सामी की एक हालिया मुलाकात ने देश में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। दोनों के साथ भोजन करने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने इस मुलाकात को लेकर न केवल संघ की विचारधारा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि इतिहास के पन्नों को पलटते हुए भाजपा और आरएसएस को उनके पुराने स्टैंड की याद दिलाई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई डिनर की तस्वीरें
अदनान सामी और संघ प्रमुख की मुलाकात पर राजनीतिक घमासान शुरू
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुलाकात को 'दोहरा मापदंड' करार दिया है। पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ताओं का कहना है कि एक तरफ संघ राष्ट्रवाद और स्वदेशी की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ वह उन लोगों के साथ समय बिता रहा है जिनकी जड़ें पाकिस्तान से जुड़ी रही हैं। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि जिस अदनान सामी के पिता ने पाकिस्तानी सेना में रहते हुए भारत के खिलाफ काम किया, उनके साथ संघ प्रमुख का भोजन करना यह दर्शाता है कि इनकी कथनी और करनी में कितना बड़ा अंतर है।
अदनान सामी के पिता और पाकिस्तानी वायुसेना की भूमिका पर उठाए सवाल
विवाद को और हवा देते हुए कांग्रेस ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का इतिहास याद दिलाया। पार्टी ने दावा किया कि अदनान सामी के पिता अरशद सामी खान पाकिस्तानी वायुसेना में पायलट थे और उन्होंने 1965 के युद्ध के दौरान भारत के खिलाफ मिशन में हिस्सा लिया था। कांग्रेस ने सवाल किया कि जो संगठन हमेशा देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटता है, वह उस व्यक्ति के परिवार के साथ कैसे बैठ सकता है जिसने कभी भारत पर बम बरसाए थे? कांग्रेस ने इसे उन शहीदों का अपमान बताया जिन्होंने देश के लिए जान दी।
कला और नागरिकता के मुद्दे पर सरकार ने दी सफाई
वहीं, भाजपा समर्थकों और संघ से जुड़े लोगों ने इस आलोचना को निराधार बताया है। उनका तर्क है कि अदनान सामी अब भारत के वैध नागरिक हैं और उन्हें उनकी कला और भारत के प्रति उनके प्रेम के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए। भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी व्यक्ति को उसके पिता के कर्मों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, खासकर तब जब वह खुद भारत के प्रति समर्पित हो। हालांकि, कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रवादी भावनाओं से जोड़कर लगातार सरकार और संघ को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।